1. विटामिन ए के कार्य

विटामिन आंखों से देखने दे लिये अत्यंत आवश्यक होता है। साथ ही यह बीमारी से बचने के काम आता है। यह विटामिन शरीर में अनेक अंगों को सामान्य रूप में बनाये रखने में मदद करता है जैसे कि स्किन, बाल, नाखून, ग्रंथि, दांत, मसूडा और हड्डी।



2.  विटामिन ए की कमी 

सबसे महत्वपूर्ण स्थिती जो कि सिर्फ विटामिन ए के अभाव में होता है, वह है अंधेरा में कम दिखाई देना, जिसे नाईट ब्लाइंडनेस (Night Blindness) कहते हैं। इसके साथ आंखों में आंसू के कमी से आंख सूख जाते हैं, और उसमें घाव भी हो सकता है। बच्चों में विटामिन ए के अभाव में विकास धीरे हो जाता है, जिससे कि उनके कद पर असर कर सकता है। स्किन और बालों में भी सूखापन हो जाता है और उनमें से चमक चला जाता है। संक्रमित बीमारी होने का संभावना बढ जाता है।

बहुत अधिक विटामिन ए लेने से क्या हो सकता है? अत्याधिक विटामिन ए लेने से शरीर पर अनेक दुर्प्रभाव हो सकते हैं जैसे कि सिरदर्द, देखने में दिक्कत, थकावट, दस्त, बाल गिरना, स्किन खराब हो जाना, हड्डी और जोडों में दर्द, कलेजा को नुकसान पहुंचना और लडकियों में असमय मासिक धर्म। गर्भ के दौरान खास सावधानी – अत्याधिक विटामिन ए, पेट में पलते बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।

3.   विटामिन ए के स्रोत

दूध और दूध से उतपादित खाद्य पदार्थ, हरी सब्जी, पीले सब्जी (शकरकंद, गाजर), पीले या नारंगी रंग के फल (नारंगी, आम), मीट (लिवर), कोर्नफ्लेकस या अन्य कृत्रिम खाद्य पदार्थ जिसमें निर्माता द्वारा अतिरिक्त विटामिन ए मिलाया गया हो।

4.  नापना

विटामिन ए दो तरह के युनिट से नापा जाता है। इनको बदलने के लिये फोरमुला है -


1 IU = 1 International Unit = 0.3 microgram Retinol Equivalent

1 आई यु = 1 अंतरराष्ट्रीय युनिट = 0.3 माईक्रोग्राम रेटिनोल के बराबर

जहां 1 ग्राम = 1000 माईक्रोग्राम

5.  खुराक

विटामिन ए का “प्रतिदिन जरूरत” उम्र और सेहत के अनुसार बदलते रहता है।


जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को करीब 1333 आइ यु या 400 माईक्रोग्राम

6 से 12 महीने के उम्र के शिशु को करीब 1666 आइ यु या 500 माईक्रोग्राम

1 से 3 साल के बच्चे को करीब 1000 आइ यु या 300 माईक्रोग्राम

4 से 8 साल के बच्चे को करीब 1333 आइ यु या 400 माईक्रोग्राम

9 से 13 साल के बच्चे को करीब 2000 आइ यु या 600 माईक्रोग्राम

14 से 30 साल के पुरुष को करीब 3000 आइ यु या 900 माईक्रोग्राम

14 से 30 साल के महिला को करीब 2333 आइ यु या 700 माईक्रोग्राम

गर्भ के दौरान करीब 2500 आइ यु या 750 माईक्रोग्राम

स्तनपान के दौरान करीब 4000 आइ यु या 1200 माईक्रोग्राम



आपको यह भी पढ़ना चाहिए:


रेटिना किसे कहते है इसके भाग और प्राथिमक कार्य